प्यार की पहली शाम: 2
आदित्य की आँखों में एक खास सी चमक थी जब वह नेहा के साथ उस खूबसूरत बगीचे में पहुँचा। शाम का सुनहरा सूरज डूब रहा था और हल्की हवा उनके बालों को सहला रही थी। नेहा की लंबी काली लटें उसके चेहरे पर बिखर रही थीं। वे दोनों एक शांत सीट पर बैठे, जहाँ पास ही एक छोटा सा फव्वारा बह रहा था। पानी की कलकल आवाज़ उनके बीच रोमांस की पृष्ठभूमि बन रही थी। आदित्य ने नेहा का हाथ थामा और धीरे से बोला, “आज की ये शाम सिर्फ हमारे लिए है, नेहा। तुम्हारी आँखों में खो जाना चाहता हूँ।” नेहा शरमाकर मुस्कुराई। उनकी मुलाकात कई महीनों पहले एक कैफे में हुई थी। आदित्य एक सफल इंजीनियर था जो जयपुर में अपनी कंपनी चलाता था। नेहा एक स्वतंत्र फोटोग्राफर थी। उसकी नज़र हर पल को खूबसूरत बना देती थी। धीरे-धीरे उनकी दोस्ती प्यार में बदल गई। उधर राहुल और सुमन पास के रेस्तरां में रोमांटिक डिनर का आनंद ले रहे थे। राहुल की हल्की दाढ़ी और हमेशा मुस्कुराता चेहरा सुमन को बहुत आकर्षित करता था। राहुल युवा बिजनेसमैन था और सुमन एक समर्पित टीचर। उनकी कहानी कॉलेज के दिनों से शुरू हुई थी। आज चारों ने डबल डेट का प्लान बनाया था। थोड़ी देर ब...