लखन और नीतू की प्रेम कहानी : 3
शादी को दो साल बीत चुके थे, लेकिन लखन और नीतू के रिश्ते की मिठास आज भी वैसी ही थी जैसी उनकी पहली मुलाकात के दिनों में थी। समय ने उनकी जिंदगी में कई बदलाव लाए थे, लेकिन एक चीज़ कभी नहीं बदली—एक-दूसरे के लिए उनका प्यार और सम्मान। जयपुर की एक खूबसूरत सुबह थी। सूरज की हल्की किरणें खिड़की से होकर कमरे में फैल रही थीं। नीतू बालकनी में खड़ी चाय की चुस्कियां ले रही थी, जबकि लखन अखबार पढ़ रहा था। अचानक नीतू मुस्कुराते हुए बोली, “क्या तुम्हें लगता है कि हमारी जिंदगी में अभी भी कोई बड़ा सपना बाकी है?” लखन ने अखबार नीचे रखा और उसकी तरफ देखा। “हर इंसान की जिंदगी में नए सपने आते रहते हैं। लेकिन अगर तुम पूछ रही हो कि मेरा सबसे बड़ा सपना क्या है, तो वह तुम्हारे साथ हर दिन खुश रहना है।” नीतू उसके जवाब पर हल्का-सा शरमा गई। इतने सालों बाद भी लखन की बातें उसके दिल को उसी तरह छू जाती थीं। कुछ दिनों बाद दोनों ने फैसला किया कि वे अपने पुराने शौक फिर से शुरू करेंगे। नीतू को लिखना पसंद था और लखन को फोटोग्राफी। दोनों ने मिलकर राजस्थान के अलग-अलग ऐतिहासिक स्थानों की यात्रा करने की योजना बनाई। उनका उद्देश्य सि...